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भजन: मेरी आखिओं के सामने ही रहना शेरों वाली जगदम्बे - Meri akhiyo ke samne hi rehna o shero wali jagdambe

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मेरी आखिओं के सामने ही रहना, माँ शेरों वाली जगदम्बे। हम तो चाकर मैया तेरे दरबार के, भूखे हैं हम तो मैया बस तेरे प्यार के॥ विनती हमारी भी अब करो मंज़ूर माँ, चरणों से हमको कभी करना ना दूर माँ॥ मुझे जान के अपना बालक सब भूल तू मेरी भुला देना, शेरों वाली जगदम्बे आँचल में मुझे छिपा लेना॥ तुम हो शिव जी की शक्ति मैया शेरों वाली। तुम हो दुर्गा हो अम्बे मैया तुम हो काली॥ बन के अमृत की धार सदा बहना, ओ शेरों वाली जगदम्बे॥ तेरे बालक को कभी माँ सबर आए, जहाँ देखूं माँ तू ही तू नज़र आये। मुझे इसके सीवे कुछ ना कहना, ओ शेरों वाली जगदम्बे॥ देदो शर्मा को भक्ति का दान मैया जी, लक्खा गाता रहे तेरा गुणगान मैया जी। है भजन तेरा भक्तो का गहना, ओ शेरों वाली जगदम्बे॥ Meri akhiyon ke samane hi rahna, maa shero wali jagdambe. ham to chakar maiya tere darbar ke, bhukhe hain ham to maiya bas tere pyaar ke. vinati hamari bhi ab karo manzoor maa, charano se hamko kabhi karna na door maa. mujhe jan ke apana balak sab bhul tu meri bhula dena,...

भजन: आरती जगजननी मैं तेरी गाऊं - Aarti Jagjanni Main Teri Gaaun

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आरती जगजननी मैं तेरी गाऊं । तुम बिन कौन सुने वरदाती, किस को जा कर विनय सुनाऊं ॥ असुरों ने देवों को सताया, तुमने रूप धरा महामाया । उसी रूप का मैं दर्शन चाहूँ ॥ रक्तबीज मधुकैटब मारे, अपने भक्तों में काज सँवारे । मैं भी तेरा दास कहाऊं ॥ आरती तेरी करू वरदाती, हृदय का दीपक नैयनो की भांति । निसदिन प्रेम की ज्योति जगाऊं ॥ ध्यानु भक्त तुमरा यश गाया, जिस ध्याया, माता फल पाया । मैं भी दर तेरे सीस झुकाऊं ॥ आरती तेरी जो कोई गावे, चमन सभी सुख सम्पति पावे । मैया चरण कमल राज चाहूँ ॥

भजन: मुझे माँ ने बुलाया है - Mujhe Maa Ne Bulaya Hai

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मुझे माँ ने बुलाया है, मस्त हवा का एक झोंका यह संदेसा लाया है । जगजननी माँ शेरों वाली, मेहरो वाली माँ मेरी । द्वार दया का खोल के बैठी, जग कल्याणी माँ मेरी । तन मन हर्षाया है, मस्त हवा का एक झोंका यह संदेसा लाया है ॥ ऊँचे पर्वत पर मैया का है सुन्दर दरबार जहाँ । भक्त जानो की सब आशाएं होती हैं स्वीकार यहाँ । सब माँ की माया है, मस्त हवा का एक झोंका यह संदेसा लाया है ॥ अपनी खुशिया अपने दुखड़े माँ से सांझे कर लूँगा । माँ के आशीर्वाद से अपनी खाली झोली भर लूँगा । यही मन में समाया है, मस्त हवा का एक झोंका यह संदेसा लाया है ॥

भजन: प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी - Payara Saja Hai Tera Dvaar Bhawani

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दरबार तेरा दरबारों में, एक ख़ास एहमियत रखता है । उसको वैसा मिल जाता है, जो जैसी नियत रखता है ॥ बड़ा प्यारा सजा है द्वार भवानी । भक्तों की लगी है कतार भवानी ॥ ऊँचे पर्बत भवन निराला । आ के शीश निवावे संसार, भवानी ॥ प्यारा सजा है द्वार भवानी ॥ जगमग जगमग ज्योत जगे है । तेरे चरणों में गंगा की धार, भवानी ॥ तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी ॥ लाल चुनरिया लाल लाल चूड़ा । गले लाल फूलों के सोहे हार, भवानी ॥ प्यारा सजा है द्वार, भवानी ॥ सावन महीना मैया झूला झूले । देखो रूप कंजको का धार भवानी ॥ प्यारा सजा है द्वार भवानी ॥ पल में भरती झोली खाली । तेरे खुले दया के भण्डार, भवानी ॥ तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी ॥ लक्खा को है तेरा सहारा माँ । करदे अपने सरल का बेडा पार, भवानी ॥ प्यारा सजा है द्वार भवानी ॥

भजन: तेरे सदके तू भेज दे बुलावा - Tere Sadke Tu Bhej De Bulava

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जय माता दी, जय माता दी, सारे बोलो जय माता दी । तेरे सदके तू भेज दे बुलावा, दोनों हाथ जोड़ के मैं आऊं शेरा वालिये । मांगू और क्या मैं इस के इलावा, छोड़ के ना दर तेरा जाऊं शेरा वालिये ॥ धरती क्या आकाश है क्या सब तेरे इशारों से चलते हैं । चाँद सितारों के दीपक भी तेरे नूर से ही चलते हैं । हम बन्दों की हस्ती क्या है, तेरी दया पर ही पलते हैं । शेरां वाली, महरा वाली, ज्योतां वाली, लाटा वाली ॥ रोता आये, हस्ता जाए, तेरे दर की रीत यही है । नित नित तेरे दर्शन करना, हम भक्तो की प्रीत यही है । जिस को चाहे उसको बुलाये, मैया तेरी रीत यही है । शेरां वाली, महरा वाली, ज्योतां वाली, लाटा वाली ॥

भजन: शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ - Shakti De Maa Shakti De Maa

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शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ । पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे ॥ हाथ पकड़ ले हाथ बढ़ा दे, अपने मंदिर तक पहुंचा दे । सर पर दुःख की रैना, नाही चैना,  प्यासे नैना दर्शन के ॥ जग में जिसका नाम है जीवन, इक युग है संग्राम है जीवन । तेरा नाम पुकारा, दुःख का मारा, हारा माँ इस जीवन से ॥ तेरे द्वारे जो भी आया, उसने जो माँगा वो पाया । मैं भी तेरा सवाली, शक्तिशाली शेरों वाली माँ जगदम्बे ॥

भजन: माँ शारदे माँ शारदे - Maa Shaarde Maa Shaarde

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माँ शारदे, माँ शारदे । ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे ॥ तू है दयालु बड़ी माँ वीणा वादिनी । करती दया हो सब पे अम्बे भवानी । वो मैया विद्या का आके हमको भी भण्डार दे ॥ करदो हमारी आज माँ पूरी आशा । कब से है शर्मा तेरे दर्शन का प्यासा । ओ मैया दर्शन हमे भी आ के माँ एक बार दे ॥ मांगे ना लक्खा तुमसे दौलत खजाना । सात सवारों का मुझको अमृत पिलाना । ओ मैया मेरी ही माता के जैसा बस प्यार दे ॥ स्वर: लखबीर सिंह लक्खा

भजन: माँ की हर बात निराली है - Maa Ki Har Baat Niraali Hai

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पास की सुनती है, दूर की सुनती है, गुमनाम के संग संग मशहूर की सुनती है । माँ तो आखिर माँ है माँ के भक्तो, माँ तो हर मजबूर की सुनती है ॥ माँ की हर बात निराली है, बात निराली है, के हर करामात निराली है, महा दाती से सब को मिली सौगात निराली है ॥ वक़्त की चाल बदले, दुःख की जनझाल बदले, इसके चरणों में झुककर, बड़े कंगाल बदले । यहाँ जो आये सवाली, कभी वो जाए न खली, यह लाती पतझर में भी, हर चमन में हरिआली । काली रातो ने लाती प्रभात निराली है ॥ दया जब इसकी होती, तो कंकर बनते मोती, जिसे यह आप जगादे, ना फिर किस्मत वो सोती । गमो से घिरने वाले, बड़े इस माँ ने संभाले, फसे मझदार में बेड़े, इसी में बाहर निकाले । इसकी मीठी ममता की बरसात निराली है ॥ दुःख ताकती है यह, सुख बांटती है जी, हमे पालती है ये दिनरात ही । जादू इसका अजीब, देखो हो के करीब, यह तो बदले नसीब दिन रात ही । इस की रहमत हर निर्दोष के साथ निराली है ॥

भजन: आये तेरे भवन देदे अपनी शरण - Aaye Tere Bhavan Dede Apni Sharan

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आये तेरे भवन, देदे अपनी शरण, रहे तुझ में मगन, थाम के यह चरण । तन मन में भक्ति ज्योति तेरी, हे माता जलती रहे ॥ उत्सव मनाये, नाचे गाये, चलो मैया के दर जाएँ । चारो दिशाए चार खम्बे बनी हैं, मंडप में आत्मा की चारद तानी है । सूरज भी किरणों की माला ले आया, कुदरत ने धरती का आँगन सजाया । करके तेरे दर्शन, झूमे धरती पवन, सन नन नन गाये पवन, सभी तुझ में मगन, तन मन में भक्ति ज्योति तेरी, हे माता जलती रहे ॥ फूलों ने रंगों से रंगोली सजाई, सारी धरती यह महकायी । चरणों में बहती है गंगा की धरा, आरती का दीपक लगे हर एक सितारा । पुरवैया देखो चवर कैसे झुलाए, ऋतुएँ भी माता का झुला झुलायें । पा के भक्ति का धन, हुआ पावन यह मन, कर के तेरा सुमिरन, खुले अंतर नयन, तन मन में भक्ति ज्योति तेरी, हे माता जलती रहे ॥

भजन: ले के पूजा की थाली ज्योत मन की जगाली - Le Ke Pooja Ki Thaali Jyot Man Ki Jagali

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ले के पूजा की थाली, ज्योत मन की जगाली, तेरी आरती उतारूँ, भोली माँ । तू जो दे दे सहारा, सुख जीवन का सारा, तेरे चरणों पे वारुण, भोली माँ ॥ धूल तेरे चरणों की ले कर माथे तिलक लगाया । यही कामना लेकर मैया द्वारे तेरे मैं आया । रहूँ मैं तेरा हो के, तेरी सेवा में खो के, सारा जीवन गुजारूं, भोली माँ ॥ सफल हुआ यह जनम के मैं था जन्मो से कंगाल । तुने भक्ति का धन देके कर दिया मालोमाल । रहे जब तक यह प्राण, करूँ तेरा ही ध्यान, नाम तेरा पुकारूं, भोरी माँ ॥

भजन: अमृत सा तेरा पानी तू नदियों की महारानी हर हर गंगे - Amrit Sa Tera Pani Tu Nadiyo Ki Maharani Har Har Gange

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हर हर गंगे, हर हर गंगे हर हर गंगे  अमृत सा तेरा पानी तू नदियों की महारानी  माँ तू है जग कल्याणी,  हर हर गंगे, हर हर गंगे । भागीरथ के तप से तू पिघली, निकली ब्रह्म कमंडल से । निर्मल रहते पावन होते माँ हम तेरे ही जल से । तेरे जल में जीवन बहता,  मुक्ति का साधन रहता,  मन पुलकित होकर कहता, हर हर गंगे, हर हर गंगे । हर हर गंगे, हर हर गंगे ॥ गायत्री सी सिद्धि दायनी, गीता जैसा ज्ञान है तू । सारे जग में माँ गंगे इस भारत की पहचान है तू । तू शोभा कैलाशी की,  गरिमा भारतवासी की,  है शान तू ही काशी की, हर हर गंगे, हर हर गंगे । हर हर गंगे, हर हर गंगे ॥ बही तेरी धारा जिस जिस पथ से वही वही पथ बना तीरथ है । तुझको पाकर धन्य हुए हम अमर हुआ भागीरथ है । कहीं हरिद्वार कहीं संगम,  कहीं गंगा सागर अनुपम,  हर तीरथ तेरा उत्तम, हर हर गंगे, हर हर गंगे । हर हर गंगे, हर हर गंगे ॥ स्वर: महेन्द्र कपूर

भजन: कहानी वैष्णो रानी की - Kahani Vaishno Rani Ki

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कहानी वैष्णो रानी की, कहानी वैष्णो रानी की, कहानी वैष्णो रानी की, कहानी वैष्णो रानी की, तीन पिंडी माँ शेरावाली, कथा भवानी की, कहानी वैष्णो रानी की... जम्मू कटरा में रहते, थे माँ के भक्त निराले, नाम श्रीधर था उनका, मन के थे भोले भाले । रात दिन सांझ सवेरे करते मईया की पूजा, माँ की सेवा से बढ़कर और कोई काम ना दूजा । माता के चरणों में अर्पण, पूरी जिंदगानी की, कहानी वैष्णो रानी की... कन्या के रूप में माँ ने दिया श्रीधर को दर्शन, करो भंडारा माँ का, दे आओ सबको निमंत्रण, सुनी आज्ञा जो माँ की, कहा श्रीधर ने माँ से, आयोजन भंडारे का करूंगा बोलो कहाँ से । मैं निर्धन, औकात नहीं भंडारा कराने की, कहानी वैष्णो रानी की... श्रीधर की लेने परीक्षा मन में ठाना भैरव ने, साधू संतो की टोली चला लेकर वो संग में । सुनले मायावी कन्या, न तेरी माया चलेगी, हाथों से भैरवनाथ के आज तू बच ना सकेगी । चला पकड़ने कन्या को, उसने नादानी की, कहानी वैष्णो रानी की... वीर लांगुर-भैरव में छिड़ा संग्राम भारी, एक महा-बलशाली, दूजा योगी तपधारी । क्रोध में भरकर वैष्णो माँ ने...

भजन: श्री शाकम्भरी माता महामंत्र - Shri Shakambhari Mata Mhamantra

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माँ ब्रह्माणी नमो नमः हे रुद्राणी नमो नमः सकराय वासिनी नमो नमः शाकम्भरी माँ नमोस्तुते मात सताक्षी नमो नमः दुर्गम विनाशी नमो नमः हे सुख-राशि नमो नमः शाकम्भरी माँ नमोस्तुते संकट हारिणि नमो नमः कष्ट निवारिणी नमो नमः माँ भव तारिणी नमो नमः शाकम्भरी माँ नमोस्तुते हे जग जननी नमो नमः कामना पूर्णि नमो नमः सौम्य रूपणी नमो नमः शाकम्भरी माँ नमोस्तुते हे परमेश्वरी नमो नमः त्रिपुर सुंदरी नमो नमः हे विश्वेश्वरि नमो नमः शाकम्भरी माँ नमोस्तुते दुर्गा रूपेण नमो नमः लक्ष्मी रूपेण नमो नमः विद्या रूपेण नमो नमः शाकम्भरी माँ नमोस्तुते भुवन वंदिनी नमो नमः द्वारा निकन्दिनि नमो नमः सिंह वाहिनी नमो नमः शाकम्भरी माँ नमोस्तुते शक्ति-स्वरूपा नमो नमः हे भव-भूपा नमो नमः अनन्त अनूपा नमो नमः शाकम्भरी माँ नमोस्तुते अति सुख दायिनी नमो नमः करुणा नयनी नमो नमः हे वर दायनी नमो नमः शाकम्भरी माँ नमोस्तुते मंगल करनी नमो नमः अमंगल हरणी नमो नमः अभया वरणी नमो नमः शाकम्भरी माँ नमोस्तुते सुर धाम निवासिनी नमो नमः हे अविलासिनि नम...

भजन: घनन घनन घन घंटा वाजे चामुंडा के द्वार पर - Ghanan Ghanan Ghan Ghanta Baje Chamunda Ke Dwar Par

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घनन घनन घन घंटा वाजे चामुंडा के द्वार पर, रुकी जहां पर काल रात्रि चण्ड मुण्ड को मारकर। घनन घनन घन घंटा वाजे... निर्मल जल की धारा में पहले आकर इश्नान करो, ज्योत जलाकर मन मंदिर में अंबे माँ का ध्यान धरो। वरदानी से मांगों वर तुम दोनों हाथ पसार कर, रुकी जहां पर काल रात्रि चण्ड मुण्ड को मारकर। घनन घनन घन घंटा वाजे... शक्ति पीठ यही माँ चलका देव भूमि भी प्यारी है, क्रोध रूप जहां चामुंडा का खप्पर संग कटारी है। दुष्टों की ली बलि जहां पर भागे पापी हारकर, रुकी जहां पर काल रात्रि चण्ड मुण्ड को मारकर। घनन घनन घन घंटा वाजे... ब्रह्मा वेद सुनाएं इनको विष्णु शंख वजाते हैं, शंकर डमरू वजा वजा कर माँ की महिमा गाते हैं। जय माता की गूँज रही हैं नारद वीणा तार पर, रुकी जहां पर काल रात्रि चण्ड मुण्ड को मारकर। घनन घनन घन घंटा वाजे... स्वर: नरेन्द्र चंचल

भजन: कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी - Kaise Kroon Teri Pooja Bhavani

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कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी,  कैसे करूँ तेरी पूजा । जल चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ, वो मछली का जूठा भवानी । वो मछली का जूठा, कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी... दूध चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ, वो वछडे का जूठा भवानी । वो वछडे का जूठा, कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी... फूल चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ, वो भंवरे का जूठा भवानी । वो भंवरे का जूठा, कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी... फल चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ, वो पक्षी का जूठा भवानी । वो पक्षी का जूठा, कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी... शहिद चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ, वो मखीओं का जूठा भवानी । वो मखीओं का जूठा, कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी... धूफ चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ, वो अग्नि का जूठा भवानी । वो अग्नि का जूठा, कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी... चंदन चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ, वो सर्पों का जूठा भवानी । वो सर्पों का जूठा, कैसे करूँ तेरी पूजा, भवानी... मन चढ़ाऊँ वो नहीं शुद्ध माँ, वो विषयों का जूठा भवानी ।  वो पापों का जूठा, कैसे करूँ तेरी पूजा भवानी... ...

भजन: मेरी मैया जी के द्वारे ढोल बाजे रे - Meri Maiya Ji Ke Dware Dhol Baaje Re

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माँ के दर पे लगा हुआ है भक्त जानो का मेला, बाँट रहा है सब को खुशियां माँ का दर अलबेला। मेरी मैया जी के द्वारे ढोल बाजे रे, मेरी माँ काली के द्वारे ढोल बाजे रे । ढोल बाजे रे, ढोल बाजे रे, मेरी मैया जी के द्वारे ढोल बाजे रे ॥ माँ के द्वारे सवाली इक आया रे, माँ के लिए वो चुनर इक लाया रे । माँ को चुनर प्यारी लागे रे, मेरी मैया जी के द्वारे ढोल बाजे रे ॥ माँ के द्वारे सुनार इक आया रे, माँ के लिए वो कंगना लाया रे । माँ को कंगना वो प्यारा लागे रे, मेरी अम्बा जी के द्वारे ढोल बाजे रे ॥ माँ के द्वारे दर्जी इक आया रे, माँ के लिए वो चोला लाया रे । माँ को चोला प्यारा लागे रे, मेरी मैया जी के द्वारे ढोल बाजे रे ॥ माँ के द्वारे पुजारी इक आया रे, माँ के लिए वो हलवा लाया रे । माँ को हलवा वो प्यारा लागे रे, मेरी अम्बा जी के द्वारे ढोल बाजे रे ॥ स्वर: नरेन्द्र चंचल

भजन: भावना की ज्योत को जगा के देख ले - Bhavna Ki Jyot Ko Jaga Ke Dekh Le

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भावना की ज्योत को जगा के देख ले, बोलती है मूर्ती, बुला के देख ले, सौ बार चाहे आजमा के देख ले, बोलती है मूर्ती, बुला के देख ले । आओ माँ... आओ माँ... आओ माँ... आओ माँ... करोगे जो सवाल तो जवाब मिलेगा, यहां पुण्य-पाप सबका हिसाब मिलेगा, भले-बुरे  सबको पहचानती है माँ, खरी-खोटी सबकी ही जानती है माँ, श्रद्धा से सर को झुका के देख ले, बोलती है मूर्ती, बुला के देख ले । आओ माँ... आओ माँ... आओ माँ... आओ माँ... भावना की ज्योत को जगा के देख ले, बोलती है मूर्ती, बुला के देख ले, सौ बार चाहे आजमा के देख ले, बोलती है मूर्ती, बुला के देख ले । स्वर: सौरभ मधुकर

भजन: मत पूछो कहाँ-कहाँ है सँतोषी माँ - Mat Puncho Kahan Kahan Hai Santoshi Maa

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यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ, मत पूछो कहाँ-कहाँ है सँतोषी माँ। अपनी सँतोषी माँ, अपनी सँतोषी माँ... जल में भी थल में भी, चल में अचल में भी, अतल वितल में भी माँ। अपनी सँतोषी माँ, अपनी सँतोषी माँ... बड़ी अनोखी चमत्कारिणी, ये अपनी माई राई को पर्वत कर सकती, पर्वत को राई द्धार खुला दरबार खुला है, आओ बहन भाई  इस के दर पर कभी दया की कमी नहीं आई पल में निहाल करे, दुःख का निकाल करे, तुरंत कमाल करे माँ। अपनी सँतोषी माँ, अपनी सँतोषी माँ... इस अम्बा में जगदम्बा में, गज़ब की है शक्ति चिंता में डूबे हुय लोगो, कर लो इस की भक्ति अपना जीवन सौंप दो इस को, पा लो रे मुक्ति सुख सम्पति की दाता ये माँ, क्या नहीं कर सकती बिगड़ी बनाने वाली, दुखड़े मिटाने वाली, कष्ट हटाने वाली माँ। अपनी सँतोषी माँ, अपनी सँतोषी माँ... गौरी सुत गणपति की बेटी, ये है बड़ी भोली देख - देख कर इस का मुखड़ा, हर इक दिशा डोली आओ रे भक्तो ये माता है, सब की हमजोली जो माँगोगे तुम्हें मिलेगा, भर लो रे झोली      उज्जवल-उज्जवल, निर्मल-निर्मल, सुन्दर-सुन्दर माँ।   अपनी सँतोषी माँ...

भजन: रूतवा तेरी शक्ति का सारे संसार में - Rutwa Teri Shakti Ka Saare Sansaar Mein

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रूतवा तेरी शक्ति का, सारे संसार में, सारे संसार में, आज भी है और कल भी रहेगा । चर्चा यही माँ, तेरा एक में हजार में, एक में हजार में आज भी है और कल भी रहेगा ॥ रुतवा तेरी शक्ति का... जो सच्ची श्रद्धा से शरण में तेरी आता है, होकर निहाल मैया गीत खुशियों के गाता है । असर दुआ का मैया, तेरे प्रसाद में, तेरे प्रसाद में आज भी है और कल भी रहेगा ॥ रुतवा तेरी शक्ति का... श्रष्टि कर्ता है तूँ, तुही दुनियाँ की मालिक है, है कौन बड़ा तुझसे सभी तो तेरे बालक हैं । सुख का भरोसा मेरी मैया तेरे प्यार में, मैया तेरे प्यार में, आज भी है और कल भी रहेगा ॥ रुतवा तेरी शक्ति का...

भजन: जय जय गिरिराज किशोरी - Jai Jai Giriraj Kishori

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जय जय गिरिबरराज किशोरी । जय महेस मुख चंद चकोरी ॥ जय गजबदन षडानन माता । जगत जननि दामिनी दुति गाता ॥ देवी पूजि पद कमल तुम्हारे । सुर नर मुनि सब होहिं सुखारे ॥ मोर मनोरथ जानहु नीकें । बसहु सदा उर पुर सबही कें ॥ कीन्हेऊँ प्रगट न कारन तेहिं । अस कहि चरन गहे बैदेहीं ॥ बिनय प्रेम बस भई भवानी । खसी माल मुरति मुसुकानि ॥ सादर सियँ प्रसादु सर धरेऊ । बोली गैरी हरषु हियँ भरेऊ ॥ सुनु सिय सत्य असीस हमारी । पूजिहि मन कामना तुम्हारी ॥ नारद बचन सदा सूचि साचा । सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा ॥ मनु जाहिं राचेउ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सांवरो । करुना निधान सुजान सीलु सनेहु जानत रावरो ॥ एही भाँती गौरी असीस सुनी सिय सहित हियँ हरषीं अली । तुलसी भवानिहि पूजि पुनि पुनि मुदित मन मंदिर चली ॥