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नोबेल पुरस्कार विजेता स्पेनिश कवि पाब्लो नेरुदा की कविता - Poem of Nobel laureate Spanish poet Pablo Neruda (You Start Dying Slowly)

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दोस्तों, आज हम एक बहुत ही अच्छी सी कविता बता रहे है जो जीवन का कड़वा सच है। यह कविता नोबेल पुरस्कार विजेता स्पेनिश कवि पाब्लो नेरुदा (Pablo Neruda) की कविता  "You Start Dying Slowly"  का हिन्दी अनुवाद है। आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप, करते नहीं कोई यात्रा, पढ़ते नहीं कोई किताब, सुनते नहीं जीवन की ध्वनियाँ, करते नहीं किसी की तारीफ़। आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, जब आप, मार डालते हैं अपना स्वाभिमान, नहीं करने देते मदद अपनी,  और न ही करते हैं मदद दूसरों की। आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप, बन जाते हैं गुलाम अपनी आदतों के,  चलते हैं रोज़ उन्हीं रोज़ वाले रास्तों पे, नहीं बदलते हैं अपना दैनिक नियम व्यवहार, नहीं पहनते हैं अलग-अलग रंग, या आप नहीं बात करते उनसे जो हैं अजनबी अनजान। आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप, नहीं महसूस करना चाहते आवेगों को,  और उनसे जुड़ी अशांत भावनाओं को,  वे जिनसे नम होती हों आपकी आँखें,  और करती हों तेज़ आपकी धड़कनों को। आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप...

नारी का सम्मान - Respect of Women (Poem)

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भूल से मत कीजिये, नारी का अपमान । नारी जीवन दायिनी, नारी है वरदान ।। माँ बनकर देती जनम, पत्नी बन संतान । जीवन भर छाया करे, नारी वृक्ष समान ।। नारी भारत वर्ष की, रखे अलग पहचान । ले आई यमराज से, वापस पति के प्रान ।। नारी कोमल निर्मला, होती फूल समान । वक्त पड़े तो थाम ले, बरछी तीर कमान ।। नारी के अंतर बसे, सहनशीलता आन । ये है मूरत त्याग की, नित्य करे बलिदान ।। नारी को मत मानिये, दुर्बल अबला-जान । दुर्गा काली कालिका, नारी है तूफ़ान ।। युगों-युगों से ये जगत, ठहरा पुरुष प्रधान । कदम-कदम पर रोकता, नारी का उत्थान ।। जितना गाओ कम लगे, नारी का गुणगान । जी चाहे कण-कण करे, नारी का सम्मान ।।

रक्षाबंधन पर भाई के लिए बहन का पत्र - Sister's Letter for Brother on Raksha-Bandhan

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इस राखी पर भैया मुझे, बस यही तोहफा देना तुम, रखोगे ख्याल माँ-पापा का,  बस यही एक वचन देना तुम ! ⚜⚜⚜⚜ बेटी हूँ मैं, शायद ससुराल से रोज़ न आ पाऊँगी, जब भी पीहर आऊँगी,  इक मेहमान बनकर आऊँगी ! पर वादा है, ससुराल में संस्कारों से, पीहर की शोभा बढाऊँगी ! तुम तो बेटे हो,  इस बात को न भुला देना तुम, रखोगे ख्याल माँ-पापा का,  बस यही वचन देना तुम ! ⚜⚜⚜⚜ मुझे नहीं चाहिये सोना-चांदी,  न चाहिये हीरे-मोती, मैं इन सब चीजों से कहाँ सुख पाऊँगी, देखूंगी जब माँ-पापा को पीहर में खुश तो ससुराल में चैन से मैं भी जी पाऊँगी ! अनमोल हैं ये रिश्ते,  इन्हें यूं ही न गंवा देना तुम, रखोगे ख्याल माँ-पापा का,  बस यही वचन देना तुम, ⚜⚜⚜⚜ वो कभी तुम पर या भाभी पर गुस्सा हो जायेंगे, कभी चिड़चिड़ाहट में कुछ कह भी जायेंगे, न गुस्सा करना, न पलट के कुछ कहना तुम ! उम्र का तकाजा है, यह भाभी को भी समझा देना तुम, इस राखी पर भैया मुझे,  बस...

कुछ शब्द पिता के नाम - Some Words for Father

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माँ रोती है, पर बाप रो नहीं सकता, खुद का पिता मर जाये फ़िर भी रो नहीं सकता, क्योंकि छोटे भाईयों को संभालना है । माँ की मृत्यु हो जाये तो भी वह नहीं रोता क्योंकि बहनों को सहारा देना होता है । पत्नी हमेशा के लिये साथ छोड जाये फ़िर भी रो नहीं सकता, क्योंकि बच्चों को सांत्वना देनी होती है । माता देवकी-यशोदा की तारीफ़ करनी चाहिये, लेकिन बाढ में सिर पर टोकरा उठाये वासुदेव को नहीं भूलना चाहिये । राम भले ही माता कौशल्या के पुत्र हो, लेकिन उनके वियोग में तड़प कर जान देने वाले दशरथ ही थे । पिता की एडी़ घिसी हुई चप्पल देखकर उनका प्रेम समझ मे आता है, उनकी छेदों वाली बनियान देखकर हमें महसूस होता है कि,  हमारे हिस्से के भाग्य के छेद उन्होंने ले लिये हैं । लड़की को गाऊन ला देंगे, बेटे को ट्रैक सूट ला देंगे, लेकिन खुद पुरानी पैंट पहनते रहेंगे । बेटा कटिंग पर पचास रुपये खर्च कर डालता है और बेटी ब्यूटी पार्लर में, लेकिन दाढी़ की क्रीम खत्म होने पर नहाने के साबुन से ही दाढी बनाने वाला पिता बहुतों ने देखा होगा । बाप बीमार नहीं पडता, बीमार हो भी जाये तो भी तुरन्त अस्पत...