Posts

Showing posts with the label Shiv Bhajan

भजन: हे शिवशंकर नटराजा - He Shiv Shankar Natraja

Image
हे शिवशंकर नटराजा, मैं तो जनम जनम का दास तेरा । निसदिन करता मैं नाम जपन तेरा, शिव शिव शिव शिव गुंजत मन मोरा । तुम हो मरे प्रभु, तुम ही कृपालु, करूँ समर्पण दीन दयालु ।। तोरी जटा से बहती पवित्रता, तीन्ही लोको के तुम हो दाता । डमरू बजाया, तमस भगाया, जड़ चेतन को तुम्ही ने जगाया ।। अलख निरंजन शिव मोरे स्वामी, तुम ही हो मेरे अंतरयामी । भूल जो कोई हुई है मुझ से, क्षमा मैं मांगू हर पल तुझ से ।। लीला से तेरी डोले यह धरती, करे जो भक्ति देता तू मुक्ति । तांडव नृत्य प्रलय करा के, भव सागर तू पर करादे ।। छवि तेरी है सब से सुन्दर, शशि विराजे तेरी जटा में । हार मणि का शोभे गले में चमके जैसे तारे गगन में ।। स्वर: अनूप जलोटा

भजन: रहमत बरसा देना तू फागुन आया है - Rehmat Barasa Dena Tu Phagun Aaya Hai

Image
रहमत बरसा देना तू फागुन आया है, गंगा के जल को लाने का मौसम आया है। कंधे पे उठा के जल चलते ही जाना है, जल को ले जा के शिवलिंग पे चढ़ाना है, शिव के द्वारे पे सारा संसार आया है। भोले बाबा तेरी यह जुदाई सही जाए ना, बिन तुझको देखे भोले मुझको चैन आये ना, आजाना तू मेरे पास आया मैं दरबार में, कितनी रात गुजारी है तेरे इंतज़ार में, कैसे बताऊँ ओ भोले नाथ मेरे, मैंने श्रद्धा और मन से तुम्हे ध्याया है, सब कुछ छोड़ के आया मैं, फागुन आया है। भक्ति का नशा यह भोले मन में मेरे छाया है, जो भी आज हूँ मैं, भोले सारी तेरी माया है, अँखियाँ कब से तरस रहीं थी तेरे इस दीदार को, आया तेरे चरणो में, भोले मुझको प्यार दो, अब न कभी तू मुझसे होना जुदा, बड़ी मुश्किल से भोले तुझे पाया है, खुशीआं बरसादेना तू, फागुन आया है।

भजन: ॐ नमः शिवाय शिव संभु का महामंत्र है - Om Namah Shivay Shiv Shambhu Ka Mahamantra Hai

Image
ॐ नमः शिवाय, हरी ॐ नमः शिवाय । शिव संभु का महामंत्र है मुक्ति का उपाय ।। जब जब डोले जीवन नैया, शिव की महिमा गावो, सारे जग के वो है खिवैया, शिव की शरण में आवो, संकट छाये कष्ट रुलाये जब जब जी घबराये, कहो ॐ नमः शिवाये ... सबसे प्यारे सबसे न्यारे बाबा भोले भाले है, भांग धतूरे की मस्ती में रहते मस्त निराले हैं, बम बम भोले कहते जावो जी दम आये जाये, हरी ॐ नमः शिवाय... आधा चंद माथे सोहे गाल सर्पो की माला है, तेज धारी के तेज़ से पाए सूरज चाँद उजाला, डम  डम बोले शिव का डमरू सातो स्वर दोहराये, हरी ॐ नमः शिवाय... विपता आई राम पे भारी शिव शंकर का जाप किया, बजरंगी की शक्ति बनकर राम का शिव ने साथ दिया, रामेश्वर की पूजा करके राम यही फरमाये, हरी ॐ नमः शिवाय...

भजन: मेला मेला मेला मेरे भोलेनाथ दा मेला - Mela Mela Mela Mere Bholenath Da Mela

Image
मेला मेला मेला,  मेरे भोलेनाथ दा मेला । भोलेनाथ दा मेला,  मेरे भोलेनाथ दा मेला ।। मेला मेला मेला,  मेरे भोलेनाथ दा मेला... मेला देखन राम जी आये, सीता जी नू नाल लाये । बजरंगी बन गया चेला, मेरे भोलेनाथ दा मेला ।। मेला देखन श्याम जी आये, राधा जजी नू नाल लाये । सुदामा बसन गया चेला, मेरे भोलेनाथ दा मेला ।। मेला देखन ब्रह्मा जी आये, सरस्वती जी नू नाल लाये । हंस उड्डे अलबेला, मेरे भोलेनाथ दा मेला ।। मेला देखन विष्णु जी आये, लक्षमी जी नू नाल आये । नारद बन गया चेला, मेरे भोलेनाथ दा मेला ।।

भजन: चलो भोले बाबा के द्वारे - Chalo Bhole Baba Ke Dvaare

Image
चलो भोले बाबा के द्वारे, सब दुःख कटेंगे तुम्हारे, भोले बाबा, भोले बाबा, भोले बाबा, भोले बाबा । चढ़ा एक शिकारी देखो बिल्व वृक्ष पर, करने को वो शिकार, शिव चौदस की पावन वह रात थी । अनजाने में हुआ पहर पूजा संस्कार, हुए बाबा परकट बोले मांगो वरदान । दर्शन कर शिकारी को हो आया वैराग्य ज्ञान, कर बध कर वो बोला, हरी ओम हरी ओम । हरी ओम हरी ओम, हरी ओम हरी ओम, कर बध कर वो बोला, दो मुझे भक्ति वरदान, बने बाबा उसके सहारे, सब दुःख कटेंगे तुम्हारे ।

भजन: जय शम्भू जय जय शम्बू - Jai Shambu Jai Jai Shambu

Image
काशी वाले देवघर वाले, भोले डमरू धारी । खेल तेरे हैं निराले शिव शंकर त्रिपुरारी ।। जयति जयति जय कशी वाले, काशो वाले देवघर वाले । खेल हैं तेरे नाथ निराले, जय शम्भू जय जय शम्बू ।। जो भी तेरा ध्यान धरे, उसका सुर नर मौन करे । जनम मरण से वो  उभरे, भोले चरण तुम्हारे जो धरले ।। दया करो विष पीने वाले, भक्त जानो के तुम रखवाले । तुम बिन नैया कौन संभाले,  जय शम्भू जय जय शम्बू ।। ऐसे हो औगड़दानी, देते हो वार मन मानी । भस्मासुर था अभिमानी, भस्मसुर की शैतानी ।। पारवती बन विष्णु आए, दगाबाज नो मज़ा चखाए । भांग धतूरा आप ते खाए,  जय शम्भू जय जय शम्बू ।। अपनी विपदा किसे सुनाएँ, मन में इक आशा हैं ललए । श्री चरणो की धुल मिले जो नैयन हमारे दर्शन पाएं ।। आस हमारी पूरी करदो, मेरी खाली झोली भरदो । एक नज़र मुझ पे भी करदो,  जय शम्भू जय जय शम्बू ।। जो भी आया तेरे द्वारे, जागे उसके भाग्य सितारे । मैं शरणागत शरण तिहारे, बोले शरण तिहारे, शरण तिहारे ।। करूँ नहीं...

शिव तांडव - Shiv Tandav Stotram

Image
॥ सार्थशिवताण्डवस्तोत्रम् ॥ ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ जटा टवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले, गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्ग तुङ्ग मालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनाद वड्डमर्वयं, चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥ जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिम्प निर्झरी, विलो लवी चिवल्लरी विराजमान मूर्धनि । धगद् धगद् धगज्ज्वलल् ललाट पट्ट पावके किशोर चन्द्र शेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥२॥ धरा धरेन्द्र नंदिनी विलास बन्धु बन्धुरस् फुरद् दिगन्त सन्तति प्रमोद मानमानसे । कृपा कटाक्ष धोरणी निरुद्ध दुर्धरापदि क्वचिद् दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥३॥ जटा भुजङ्ग पिङ्गलस् फुरत्फणा मणिप्रभा कदम्ब कुङ्कुमद्रवप् रलिप्तदिग्व धूमुखे । मदान्ध सिन्धुरस् फुरत् त्वगुत्तरीयमे दुरे मनो विनोद मद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ॥४॥ सहस्र लोचनप्रभृत्य शेष लेखशेखर प्रसून धूलिधोरणी विधूस राङ्घ्रि पीठभूः । भुजङ्ग राजमालया निबद्ध जाटजूटक श्रियै चिराय जायतां चकोर बन्धुशेखरः ॥५॥ ललाट चत्वरज्वलद् धनञ्जयस्फुलिङ्गभा निपीत पञ्चसायकं नमन्निलिम्प नायकम् । सुधा मयूखले खया विराजमानशेखरं महाकपालिसम्पदे शिरोज टालमस्तु नः ...

भजन: मेरा भोला है भंडारी जटाधारी अमली - Mera Bhola Hai Bhandari Jatadhari Amli

Image
मेरा भोला है भंडारी, जटाधारी अमली, जटाधारी अमली, बड़ा भरी अमली । कहाँ रहे तेरा बैल नंदीया, कहाँ रहे गणेश, कहाँ रहे मेरा भोला शंकर, लम्बे लम्बे केश । उसदा योगीयां वाला भेष, मेरा भोला है भंडारी... वन में रहे मेरा बैल नंदीया, मंदिर रहे गणेश, ऊपर कैलाशा भोले शंकर, लम्बे लम्बे केश । उसदा योगीयां वाला भेष, क्या खाए मेरा बैल नंदीया, खाए गणेश, क्या खाए मेरा भोला शंकर, लम्बे लम्बे केश । उसदा योगीयां वाला भेष, मेरा भोला है भंडारी... घास खाए मेरा बैल नंदीय, लडू खाए गणेश, भंग पीये मेरा भोला शंकर, लम्बे लम्बे केश । उसदा योगीयां वाला भेष, मेरा भोला है भंडारी...

जय महेश बलिहारी (महेश वंदना) - Jai Mahesh Balihari (Mahesh Vandana)

Image
!! महेश वंदना !! किस विधि वंदन करू तिहारो – ओढरदानी त्रिपुरारी  बलिहारी – बलिहारी – जय महेश बलिहारी !! धृ !! नयन तीन उपवीत भुजंगा, शशि ललाट सोहे सिर गंगा  मुंड माल गल बिच विराजत, महिमा है भारी... बलिहारी – बलिहारी – जय महेश बलिहारी !! १ !! कर में डमरू त्रिशुल तिहारे, कटी में हर वाघंबर धारे  उमा सहित हीम शैल विराजत, शोभा है न्यारी..... बलिहारी – बलिहारी – जय महेश बलिहारी !! २ !! पल में प्रभु तुम प्रलयंकर, पर प्रभो सदय उभयंकर  ऋषी मुनि भेद न पाये तिहारो, हम तो है संसारी.... बलिहारी – बलिहारी – जय महेश बलिहारी !! ३ !! अगम निगम तब भेद न जाने, ब्रम्हा विष्णु सदा शिव माने  देवो के ओ महादेव अब, रक्षा करो हमारी... बलिहारी – बलिहारी – जय महेश बलिहारी !! ४ !! किस विधि वंदन करू तिहारो – ओढरदानी त्रिपुरारी  बलिहारी – बलिहारी – जय महेश बलिहारी !! धृ !! स्वर - पलक मुछल

भजन: ऐसी सुबह ना आए आए ना ऐसी श्याम - Aisi Subah Na Aaye Aaye Na Aisi Shyam

Image
शिव है शक्ति, शिव है भक्ति, शिव है मुक्ति धाम, शिव है ब्रह्मा, शिव है विष्णु, शिव है मेरा राम, ऐसी सुबह ना आए, आए ना ऐसी श्याम, जिस दिन जुबा पे मेरी आए ना शिव का नाम, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय मन मंदिर में वास है तेरा, तेरी छवि  बसाई, प्यासी आत्मा बनके जोगन, तेरी शरण में आई, तेरी ही शरण में पाया, मैंने यह विश्राम, ऐसी सुबह ना आए... तेरी खोज में ना जेने, कितने युग मेरे बीते, अंत में काम क्रोध मद हारे, हे भोले तुम जीते, मुक्त किया तूने प्रभु मुझको, शत शत है प्रणाम, ऐसी सुबह ना आए... सर्व कला संम्पन तुम्ही हो. हे मेरे परमेश्वर, दर्शन देकर धन्य करो अब, हे त्रिनेत्र महेश्वर, भाव सागर से तर जाउंगी, लेकर तेरा नाम, ऐसी सुबह ना आए...

भजन: सुबह सुबह हे भोले करते हैं तेरी पूजा - Subah Subah He Bhole Karte Hain Teri Pooja

Image
सुबह सुबह हे भोले करते हैं तेरी पूजा, तेरे सिवा हुआ है ना होगा कोई दूजा । ॐ नमः शिवाय भोले तेरी जटा से बहती है गंगा धारा, सारे जगत के मालिक, तू है पिता हमारा । निर्बल का तू ही बल है, देता है तू सहारा, तेरे सिवा जहां में, कोई नहीं हमारा ।। हे भोले तू है जैसा, वैसा न कोई होगा, तेरे सिवा हुआ है ना होगा कोई दूजा... सुख चैन मांगते हैं, जन्मो के हम भिखारी, हमपे दया तू करना, आए शरण तिहारी । तेरे द्वार पे पड़े हैं, सुनले अरज हमारी, झोली हमारी भरदे, शिव शंकर भंडारी ।। भव सागर से पार करे जो कोई नहीं है दूजा, तेरे सिवा हुआ है ना होगा कोई दूजा... तुमको निहारते हैं, आखो में है निराशा, विशवास है ये हमको पूरी करोगे आशा । बिगड़ी बना दो अपनी, दृष्टि दया की डालो, भटके हुए हैं प्राणी, शिव जी हमे संभालो ।। जब ते रहेंगे हर पल तुझको करते रहेंगे पूजा, तेरे सिवा हुआ है ना होगा कोई दूजा...

भजन: आ जाओ भोले बाबा मेरे मकान में - Aa Jaao Bhole Baba Mere Makaan Me

Image
आ जाओ भोले बाबा मेरे मकान में । तेरा डम डम डमरू बाजे सारे जहान में ॥ सुन डमरू की आवाज को गणपति जी आ गये । सुन रिद्धि भी आयी है मेरे मकान में । तेरा डम डम डमरू बाजे सारे जहान में ॥ सुन डमरू की आवाज को विष्णु जी आ गए ।  सुन लक्ष्मी भी आयी है मेरे मकान में । तेरा डम डम डमरू बाजे सारे जहान में ॥ सुन डमरू की आवाज को ब्रम्हा जी आ गए । सुन ब्रम्हाणी आयी है मेरे मकान में । तेरा डम डम डमरू बाजे सारे जहान में ॥

भजन: मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा - Man Mera Mandir Shiv Meri Pooja Shiv Se Bada Nahi Koi Dooja

Image
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय सत्य है ईश्वर, शिव है जीवन, सुन्दर यह संसार है । तीनो लोक हैं तुझमे, तेरी माया अपरम्पार है ॥ ॐ नमः शिवाय नमो, ॐ नमः शिवाय नमो  मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा, शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा । बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुंदरम, मन मेरे शिव की महिमा के गुण गए जा ॥ पार्वती जब सीता बन कर, जय श्री राम के सन्मुख  आयी, राम ने उनको माता कह कर, शिव शंकर की महिमा गायी । शिव भक्ति में सब कुछ सुझा, शिव से बढ़कर नहीं कोई दूजा, बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुंदरम, मन मेरे शिव की महिमा के गुण गए जा ॥ तेरी जटा से निकली गंगा और गंगा ने भीष्म दिया है, तेरे भक्तो की शक्ति ने सारे जगत को जीत लिया है । तुझको सब डिवॉन ने पूजा, शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा,  बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुंदरम, मन मेरे शिव की महिमा के गुण गए जा ॥ स्वर: अनुराधा पौडवाल

भजन: भोले के कांवड़िया मस्त बड़े मत वाले हैं - Bhole Ke Kawadiya Mast Bade Matwale Hain

Image
।। ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ।। चली कांवड़ियों की टोली, सब भोले के हमजोली, गौमुख से गंगाजल वो लाने वाले हैं। भोले के कांवड़िया मस्त बड़े मत वाले हैं सब अलग अलग शहरों से चलकर आते हैं, कंधे पे उठा के कावड़ दौड़े जाते है। है कठिन डगर पर ये ना, रुकने वाले हैं, भोले के कावड़िया... कोई भांग धतूरा बेल की पत्रि लाए है, कोई दूध दही मलमल के तिलक लगाए हैं। यह सब मस्तानी शिव के, चाहने वाले हैं, भोले के कावड़िया... ‘नोधी’ जिद्द छोड़ो कावड़ आप उठा भी लो, संघ ‘लव’ के शिव भोले की महिमा गावी लो। ‘सनी’ ‘दीपक’ भी साथ ही जाने वाले हैं भोले के कावड़िया... स्वर: लव राज अटवाल

भजन: अजब है रूप और अजब तेरी हस्ती - Ajab Hai Roop Aur Ajab Teri Hasti

Image
अजब है रूप और अजब तेरी हस्ती, चढ़ी है भोले तेरे नाम वाली मस्ती । मस्ती में झूमे जग सारा तेरे ही दीदार को, भव तार दो, भव तार दो, भव तार दो, भोले तार दो ॥ तीन लोक के तुम हो स्वामी, करदो कृपा अन्तर्यामी । त्रिशूल धारि, हे त्रिपुरारी, भोले बाबा कर उपकारी । डमरू बजाके शिव शंकर कर झन्कार दो ॥ भव तार दो .भव तार दो... तेरा जलवा जब है पाते गम के बादल छट छट जाते । जटा में तेरी गंगा है साजे माथे चंदा नाग गले विराजे । भंग का पी कर पियाला के मस्ती शुमार दो ॥ भव तार दो. भव तार दो... ओमकार की अदभुद शक्ति, अर्ध नारेश्वर शिवा है शक्ति । ‘दर्शन’ गाये गाथा तिरिकल की भगत ‘राज’ लिखता यह पंक्ति । भटक रहा हूँ भोले कब से, ये जीवन सवार दो ॥ भव तार दो .भव तार दो...

भजन: नगर में योगी आया भेद कोई समझ ना पाया - Nagar Me Yogi Aaya Bhed Koi Samajh Na Paya

Image
ऊँचे ऊँचे मंदिर तेरे, ऊँचा तेरा दरबार, कैलाश वाले शिवजी हम करते हैं तुझे प्रणाम ।  नगर में योगी आया, भेद कोई समझ ना पाया, अजब है तेरी माया गजब का खेल रचाया ।  सबसे बड़ा है तेरा नाम, तेरा नाम, भोले नाथ, भोलेनाथ, भोले नाथ ।  अंग विभूत, गले रुण्ड माला, शेषनाग लिपटायो, बांको तिलक भाल पर सोहे नन्द घर अलख जगायो ।  नगर में योगी आया, भेद कोई समझ ना पाया... योगी रे योगी आया, कैलाशो से योगी आया, अंग विभूत, गले रुण्ड माला, नन्द द्वार डमरू खडकाया ।  सबसे बड़ा है तेरा नाम, तेरा नाम, भोले नाथ, भोलेनाथ, भोले नाथ ।  ले भिक्षा निकली नंदरानी, कंचन थाल धरायो, भीक्षा लेकर जाओ काहे मेरो लाल डरायो ।  नगर में योगी आया, भेद कोई समझ ना पाया... ना चाहिए तेरी दौलत दुनिया, ना कंचन ना माया, तेरे लाल का दर्श करादे मैं दर्शन को आया ।  नगर में योगी आया, भेद कोई समझ ना पाया... पञ्च भोर में परिक्रमा करके, शिंगि नाद बजायो, सुरदास बलिहारी कन्हैया जुग जुग जिये तेरे जायो ।  नगर में योगी आया, भेद कोई समझ ना पाया... ...

भजन: शिव शंकर चले कैलाश रस दिया बूंदा पईया - Shiv Shankar Chale Kailash Ras Diya Boonda Paiyan

Image
शिव शंकर चले कैलाश रस दिया बूंदा पईया, बूंदा पईया डोह चार रस दिया बूंदा पईया । गौरा ने बीज लई हरी हरी मेहंदी, मेरे भोले ने बीज लई भांग, रस... गौरा की उघ गयी हरी हरी मेहंदी, मेरे भोले की उघ गयी भांग, रस... गौरा ने काट लई हरी हरी मेहंदी, मेरे भोले ने काट ली भांग, रस... गौरा ने पीस दी हरी हरी मेहंदी, मेरे भोले ने पीस ली भांग, रस... गौरा ने भिगो दी हरी हरी मेहंदी, मेरे भोले ने भिगो दी भांग, रस... गौरी ने लगा ली हरी हरी मेहंदी, मेरे भोले ने पी ली भांग, रस... गौरा के रच गयी हरी हरी मेहंदी,  मेरे भोले को चढ़ गयी भांग, रस...

भजन: शिव पूजा में मन लीन रहे मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा - Shiv Pooja Me Man Leen Rahe Mera Mastak Ho Aur Dwar Tera

Image
शिव पूजा में मन लीन रहे मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा, मिट जाए जन्मों की तृष्णा मिले भोले शंकर प्यार तेरा । तुझ में खोकर जीना है मुझे मैं बूंद हूँ तू एक सागर है, तुझ बिन जीवन का अर्थ है क्या मैं तारा हूँ तू अम्बर है, तूने मुझ को स्वीकार किया क्या कम है यह उपकार तेरा शिव पूजा में मन लीन रहे... यूं मुझको तेरा प्यार मिला, बेजान को जैसे जान मिली, जिस दिन से तुझको जाना है मुझको अपनी पहचान मिली, दे दी तूने चरणों में जगह आभारी हूं सौ बार तेरा शिव पूजा में मन लीन रहे...

भजन: है धन्य तेरी माया जग में शिव शंकर डमरू वाले - Hai Dhanya Teri Maya Jag Me Shiv Shankar Damru Wale

Image
नमामि शंकर, नमामि हर हर, नमामि देवा महेश्वरा । नमामि पारब्रह्म परमेश्वर, नमामि भोले दिगम्बर ॥ है धन्य तेरी माया जग में, ओ दुनिए के रखवाले, शिव शंकर डमरू वाले, शिव शंकर भोले भाले, जो ध्यान तेरा धर ले मन में, वो जग से मुक्ति पाए, भव सागर से उसकी नैया तू पल में पर लगाए, संकट में भक्तो में बड़ कर तू भोले आप संभाले, शिव शंकर डमरू वाले... है कोई नहीं इस दुनिया में तेरे जैसा वरदानी, नित्त सुमरिन करते नाम तेरा सब संत ऋषि और ग्यानी, ना जाने किस पर खुश हो कर तू क्या से क्या दे डाले, शिव शंकर डमरू वाले... त्रिलोक के स्वामी हो कर भी क्या औघड़ रूप बनाए, कर में डमरू त्रिशूल लिए और नाग गले लिपटाये, तुम त्याग से अमृत पीते हो नित्त प्रेम से विष के प्याले, शिव शंकर डमरू वाले... तप खंडित करने काम देव जब इन्द्र लोक से आया, और साध के अपना काम बाण तुम पर वो मूरख चलाया, तब खोल तीसरा नयन भसम उसको पल में कर डाले, शिव शंकर डमरू वाले... जब चली कालिका क्रोधित हो खप्पर और खडग उठाए, तब हाहाकार मचा जग में सब सुर और नर घबराए, तुम बीच डगर में सो कर शक्ति दे...

भजन: मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे - Maiya Ji Mujhe Bhole Ke Darash Kara De

Image
मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे, भोले के दरश करा दे ओ मैया, शंकर जी से मिलवा दे ओ मैया, भोले के दरश करा दे... आप भी आना संग गणपति को लाना, कार्तिक जी से भी मिलवाना, ऐसी कृपा बरस दे, ओ मैया, मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे... पञ्च तत्व अभिषेक कराऊँ, पंचाक्षर पद शिव को रिझाऊं, सेवा शिव की दिला दे, ओ मैया, मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे... सुन्दर प्यारा रूप निराला, सब के मन को मोहने वाला, बैठा भस्म रमा के, ओ मैया, मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे... नीलकंठ कैलाश के वासी, घट घट में है वो अविनाशी, मन मंदिर में बिठवा दे, ओ मैया, मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे... जनम जनम से भटक रहा हूँ, इक दीदार को तरस रहा हूँ, एक झलक दिखवा दे, ओ मैया, मैया जी मुझे भोले के दरश करा दे...